ट्रेडिंग सीखीं

बैकटेस्टिंग का बा?

बैकटेस्टिंग एक सिंपल सवाल पूछती बा: अगर तुमने पास्ट डेटा पर साफ़ रूल्स फॉलो किए होते, तो का होता? जानो उस जवाब का समझदारी से इस्तेमाल कइसे करीं।

खाली़ एजुकेशनल कंटेंट। इन्वेस्टमेंट एडवाएह ना।

तुम का सीखोगे

  • डेफिनिशन आ मकसद
  • रूल्स, मेट्रिक्स आ रिव्यू
  • बैकटेस्ट बनाम फॉरवर्ड प्रैक्टिस
  • ओवरफिटिंग आ लुक-अहेड बायस
  • एक "अच्छा" रिजल्ट फिर भी का मिस करेला
  • BRBStox टेस्टिंग को कइसे सपोर्ट करेला

बैकटेस्टिंग डिफ़ाइन्ड

बैकटेस्टिंग एंट्री, एग्ज़िट आ रिस्क रूल्स का एक लिखा हुआ सेट हिस्टोरिकल मार्केट डेटा पर लगाती बा, एह एस्टिमेट करने खातिर कि अप्रोच कैसा परफॉर्म कर सकता था। एह एक रिसर्च टूल बा — एह वादा ना कि फ्यूचर पास्ट से मैच करेगा।

रन क्लिक करने से पहिले तुम्हें का चाहीं

  • साफ़ एंट्री आ एग्ज़िट कंडीशंस ("देखते ही पता चल जाएगा" ना)
  • स्टॉप, टारगेट भा टाइम-बेस्ड एग्ज़िट रूल्स
  • पोज़िशन साइज़िंग / प्रति ट्रेड रिस्क असंप्शंस
  • जो मार्केट्स आ टाइमफ्रेम्स तुम असली में ट्रेड करते हो
  • कॉस्ट्स का एक प्लान: जहाँ रिलेवेंट हो, ब्रोकरेज, स्लिपेज आ स्प्रेड्स

विन रेट से आगे के मेट्रिक्स

  • नेट P&L आ एक्सपेक्टेंसी
  • मैक्स ड्रॉडाउन
  • ट्रेड काउंट आ सैंपल साइज़
  • एवरेज विन बनाम एवरेज लॉस
  • ट्रेंड बनाम रेंज पीरियड्स में बर्ताव
  • अलग-अलग मार्केट सालों में स्टेबिलिटी

कॉमन पिटफॉल्स

  • ओवरफिटिंग — रूल्स को तब तक ट्यून करना जब तक पास्ट परफेक्ट न दिखे आ फ्यूचर टूट न जाए
  • लुक-अहेड बायस — गलती से वह इंफॉर्मेशन इस्तेमाल करना जो डिसीजन के समय उपलब्ध ना थी
  • कॉस्ट्स नज़रअंदाज़ करना — फीस के बाद एक पतली एज को नुकसान में बदलना
  • छोटे सैंपल्स — बहुत कम ट्रेड्स पर किसी सिस्टम को जज करना
  • डिस्क्रिशनरी रिव्यू स्किप करना — रूल एरर्स खातिर इंडिविजुअल ट्रेड्स कभी न देखना

बैकटेस्ट → रिप्ले → पेपर → लाइव

एक हेल्दी पाइपलाइन अक्सर एह चलती बा: रूल्स डिफ़ाइन करो → बैकटेस्ट करो → मार्केट रिप्ले से रिव्यू करो → पेपर ट्रेड करो → छोटा लाइव साइज़। BRBStox बैकटेस्टिंग लैब उस रिसर्च लूप के आस-पास बनाई गइल बा ताकि आइडियाज़ हिंडसाइट चार्ट्स पर निर्भर होने के बजाय भरोसा कमाएँ।

आइडियाज़ को सही तरीके से टेस्ट करो

हिंडसाइट से एविडेंस की तरफ़ बढ़ो

रूल्स डिफ़ाइन करो, बैकटेस्टिंग लैब में हिस्टोरिकल टेस्ट्स रन करो, फिर स्केल करने से पहिले मार्केट रिप्ले से डिसीजंस को स्ट्रेस-चेक करो।

डिस्क्लेमर: एह पेज खाली़ एजुकेशनल मकसद खातिर बा। बैकटेस्ट्स से मिली पास्ट परफ़ॉर्मेंस फ्यूचर रिजल्ट्स की गारंटी ना देती। इहाँ कुछ भी इन्वेस्टमेंट एडवाएह भा बाय-एंड-सेल रिकमेंडेशन नइखे। ट्रेडिंग में रिस्क शामिल बा, जिसमें कैपिटल के नुकसान की संभावना भी शामिल बा।